सनातनी दिखने में संकोच कैसा

 सनातनी दिखने में संकोच कैसा

संपादकीय

दिशाएं बदल रही हैं। पूरब अब पश्चिम हो रहा है और पश्चिम पूरब फिर भी, हम कहते हैं कि हम तरक्की कर रहे हैं। रूस की राजधानी मॉस्को के इस्कॉन मंदिर में एक विदेशी हिंदू पुजारन एक भारतीय हिंदू को आशीर्वाद देती है और सनातन संस्कृति व संस्कारों का निर्वहन करती है, जबकि अपने देश में फेमिनिस्ट महिलाएं फटी जींस पहन रही हैं। अपने संस्कारों को क्यों छोड़ रहे हैं हम? हम धर्म से दूर हो रहे हैं और दुनिया सनातन धर्म की ओर मुड़ रही है। इसलिए, अपने धर्म से प्रेम कीजिए। उसकी रक्षा कीजिए, क्योंकि धर्म उसी की रक्षा करता है, जो स्वयं धर्म की रक्षा करता है। पूरी दुनिया अब हमारे इस तिलक-धोती-भगवा और माला की दीवानी हो रही है, और आप अब भी संकोच कर रहे हैं खुद को सनातनी दिखाने में? खुलकर अपने धर्म और संस्कृति का अनुसरण करिए, और अन्य लोगों को भी प्रेरित कीजिए। अपने बच्चों को सनातन संस्कृति और संस्कार सिखाइए, क्योंकि यही हमारी पहचान है।

सत्यम शर्मा

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