कृषि विविधीकरण की नवीनतम तकनीकों को अपनायें किसान-कृषि उत्पादन आयुक्त
नगर बाजार। रविवार को मनोज कुमार सिंह (आई.ए.एस.), कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन ने आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्यौगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, बस्ती द्वारा आयोजित भरत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत कृषक सम्मेलन कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उन्होने अपने सम्बोधन में कृषकों को कहा कि सरकार कृषकों की आय दुगनी करने हेतु दृढसंकल्पित है इसके लिये किसान भाइयों को कृषि विविधीकरण की नवीनतम्् तकनीकों को अपनायें तथा फसलों के साथ, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन आदि का समावेश करें तथा सरकार द्वारा कृषकों के हित में चलायी जा रही लाभकारी योजनाओं का लाभ उठायें। कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय ने भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में किये गये उत्कृष्ट कार्य हेतु पुरस्कृत 23 कृषकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 आर0वी0 सिंह, वैज्ञानिक, कृषि प्रसार ने किया। माननीय कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय ने केन्द्र के वैज्ञानिकों के साथ समीक्षा बैठक किया। केन्द्राध्यक्ष प्रो0 एस0एन0 सिंह ने केन्द्र द्वारा कराये जा रहेे प्रशिक्षण, प्रदर्शन, शोध आदि की प्रगति आख्या का संक्षिप्त विवरण महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होने केन्द्र पर संचालित परियोजना नेशनल इनोवेशन इन क्लाइमेट रिजिलेन्ट एग्रीकल्चर (निक्रा) के अन्तर्गत चयनित ग्राम मांझा, ब्लाक कप्तानगंज, में जलवायु परिवर्तन आधारित कृषि को बढावा देने के लिए किये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होने बताया कि केन्द्र पर सेब की हनी मैन-99 एवं अन्ना डार्क रेड गोल्ड प्रजाति के पौधों को रोपित किया गया है जिसे 45 डिग्री सेन्टीग्रेट तापमान पर भी उगाया जा सकता है। निकट भविष्य में उसके पौध जनपद के किसानों को केन्द्र द्वारा उपलब्ध कराये जायेगे। फलदार, सब्जियों, सहजन, सेमल, महोगनी, परवल आदि पौध केन्द्र द्वारा तैयार कर जनपद के कृषकों को उपलब्ध कराये जा रहे है। पशुपालन वैज्ञानिक डा0 डी0के0 श्रीवास्तव ने जनपद में केन्द्र द्वारा कराये जा रहे पशुधन प्रबन्धन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होने बताया कि केन्द्र द्वारा संचालित आर्या, निक्रा व क्षमता परियोजना के माध्यम से जनपद के कृषकों को बरबरी बकरी पालन व कडकनाथ मुर्गी पालन हेतु उन्नतिशील नस्लों को उपलब्ध कराया जा रहा है जिसे वे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आय में बृद्धि कर सकते है। डा0 प्रेम शंकर, वैज्ञानिक पौध सुरक्षा ने अपने अनुभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों का वर्णन करते हुए कहा कि केन्द्र द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से जनपद के नवयुवक नवयुवतियों को स्वरोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन एवं मधुमक्खी पालन हेतु प्रशिक्षण प्रदान कर केन्द्र द्वारा मधुमक्खी बाक्श एवं मशरूम स्पान प्रदान किया जा रहा है। मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में जनपद में आशातीत बढोत्तरी हुई है। जनपद में हर्रैया ब्लाक में मशरूम हब बन गया है। डा0 विनोद बहादुर सिंह, वैज्ञानिक जी0पी0बी0 ने अपने अनुभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यो पर प्रकाश डाला। डा0 मनोज कुमार सिंह, वैज्ञानिक उद्यान ने उद्याान एवं वानिकी के क्षेत्र में केन्द्र द्वारा किये जा रहे कार्यो पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होने बताया कि केन्द्र पर आम, अमरूद, लीची, आंवला, बेर, बेल, कटहल, नीबू, अनार, शरीफा व सब्जी (परवल, टामटर, शिमला मिर्च, मिर्च, बैगन आदि) की विकसित प्रजातियों के पौध तैयार कर कृषकों को उपलब्ध कराये जा रहे है। केन्द्र के वैज्ञानिक श्री हरिओम मिश्र, शस्य वैज्ञानिक ने बौना कालानमक धान पर कराये गये शोध कार्यो की जानकारी प्रदान की। डा0 अंजली वर्मा, वैज्ञानिक गृह विज्ञान ने केन्द्र द्वारा महिलाओं के विकास एवं पोषण वाटिका पर किये जा रहे कार्यों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय ने जनपद में केन्द्र द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्होने बताया कि फलों, सब्जियों का उत्पादन कर किसान अपनी आय में आशातीत बृद्धि कर सकते है। कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कार्य योजना बनाकर इस पर क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया। कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय ने डा0 एस0के0 तोमर, निदेशक उद्याान, उत्तर प्रदेश शासन, श्री अतुल सिंह, संयुक्त निदेशक, उद्यान, बस्ती एवं श्री मनीष सिंह, जिला कृषि अधिकारी, बस्ती के साथ केन्द्र के प्रक्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न प्रदर्शन व प्रशिक्षण इकाइयों का निरीक्षण किया तथा केन्द्र के प्रक्षेत्र पर सेब व कीवी पौध का रोपण किया।

