भारत में महज एक पुस्तक नही संजीवनी है संविधान- ज्ञानेन्द्र पाण्डेय

भारत में महज एक पुस्तक नही संजीवनी है संविधान- ज्ञानेन्द्र पाण्डेय

शासन सत्ता का संविधान में विश्वास नहीं, टूट रही हैं संवैधानिक परंपरायें- ज्ञानेन्द्र
रो रही है बाबा साहब की आत्मा, कदम कदम पर हो रही संविधान की हत्या- ज्ञानेन्द्र


बस्ती। भारत में संविधान महज एक पुस्तक नही बल्कि संजीवनी है। इसमे देश की आत्मा है। लेकिन मौजूदा सरकार पुलिस और संवैधानिक संस्थाओं को आगे कर कदम कदम पर संविधान की हत्या करने पर आमादा है। आज बाबा साहब डा. अम्बेडकर की आत्मा रो रही है, क्योंकि देश सुरक्षित हाथों में नही है और संवैधानिक परंपरायें टूट रही हैं। यह बातें कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’ ने कही।

वे संविधान दिवस पर पार्टी दफ्तर पर आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होने कहा संवधिन का सम्मान और सुरक्षा देशवासियों का कर्तव्य है। संविधान रहेगा तो देश रहेगा और हमारे अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। हमे लोगों को जागरूक करना होगा कि ऐसी सरकारों और एजेंडे को दरकिनार कर दें जो संविधान में विश्वास नही करती। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा संविधान संकट मे है। देश में जबरिया विभाजनकारी विचारधारा लागू की जा रही है। देश की जनता को गुमराह कर पहले सत्ता हासिल की और आम आदमी के अधिकार एक एक कर छीने जा रहे हैं। संविधान की रक्षा के लिये संघर्ष करना हम सभी का दायित्व है।

कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता मो. रफीक खां ने किया। उन्होने कहा शासन सत्ता में बैठे लोग संविधान का सम्मान नही कर रहे हैं। न्यायिक व संवैधानिक परंपरायें संकट मे हैं। संविधान की रक्षा के लिये हम सभी को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने बाबा साहब के चित्र पर मायार्पण कर संविधान की शपथ लिया। गोष्ठी को गंगा प्रसाद मिश्रा, लालजीत पहलवान, किसान कांग्रेस के अमित सिंह, अशोक श्रीवास्तव, डीएन शास्त्री, बृजेश पाण्डेय, रामबचन भारती, राजेश कुमार भारती आदि ने भी सम्बोधित किया। मोहम्मद अशरफ, आनंद कुमार निषाद, दिलीप श्रीवास्तव, सरवर अली, इजहार अहमद, सुनील कुमार पाण्डेय, राकेशमणि त्रिपाठी, शौकत अली नन्हू, मदनलाल, सर्वेश शुक्ल सहित तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे।
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