ओलंपिक टोक्यो में नीरज चोपड़ा ने भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

भारत ने रचा इतिहास ओलंपिक में नीरज चोपड़ा भाला फेक में जीते गोल्ड मेडल

सूबेदार नीरज चोपड़ा, वीएसएम एक भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट और भारतीय सेना में एक जूनियर कमीशंन अधिकारी हैं जो भाला फेंक में प्रतिस्पर्धा करते हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज चोपड़ा को बधाई दी है।

भारत का ओलिंपिक में एथलेटिक्स का गोल्ड जीतने का 121 साल का इंतजार खत्म हो गया है। जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने देश को इस खेल में गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने शनिवार को हुए फाइनल मुकाबले में 87.58 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ जेवलिन थ्रो इवेंट में पहला स्थान हासिल किया। भारत ने 1900 में हुए दूसरे ओलिंपिक गेम्स में पहली बार हिस्सा लिया था। तब से आज तक कोई भारतीय एथलेटिक्स के किसी इवेंट में मेडल नहीं जीत पाया था। 1900 ओलिंपिक में ब्रिटिश इंडिया की ओर से खेलते हुए स्प्रिंटर नॉर्मन प्रिटचार्ड ने दो सिल्वर मेडल जीते थे। लेकिन, प्रिंटचार्ड अंग्रेज थे भारतीय नहीं। नीरज ने पहले अटैस्ट में 87.03 मीटर और दूसरे अटैस्ट में 87.58 मीटर दूर भाला फेका था। जबकि तीसरे अटैस्ट में उन्होंने 76.79 मीटर दूर भाला फेंका था। चौथे और पांचवें अटैस्ट में उन्होंने फाउल थ्रो किया छठवें अटॅम्प्ट में उन्होंने 84.24 मीटर दूर भाला फेंका। नीरज इस समय बेहतरीन लय में हैं। उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक में जेवलिन थ्री के क्वालिफाइंग इवेंट में 86.65 मीटर का थ्री किया था। उन्होंने क्वालिफाइंग के ग्रुप और ग्रुप कको मिलाकर पहला स्थान हासिल किया था। नीरज का पर्सनल बेस्ट 88.06 मीटर है। इस थ्रो के साथ उन्होंने 2018 एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता था। सिल्वर और ब्रॉन्ज चेक खिलाड़ी जीते अंग्रेज थे।

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