पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान
वृहद अभियान चलाकर अस्पतालों में हुई गर्भवती की जांच
- महिला अस्पताल, पीएचसी नरहरिया , समेत 16 अस्पतालों में हुआ आयोजन
- कार्यक्रम के पर्यवेक्षण के लिए लगाई गई 16 अधिकारियों की ड्यूटी
बस्ती। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल, अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नरहरिया समेत सभी 16 अस्पतालों में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए हर माह की नौ तारीख को यह आयोजन अस्पतालों में होता है। इस बार नौ तारीख को तीज होने के कारण इसे 10 सितंबर को आयोजित किया गया। वृहद रूप् से चलाए गए अभियान में गर्भवती का पंजीकरण कराकर उनकी जांच हुई व इलाज कराया गया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को चिन्ह्ति किया गया। इनका सुरक्षित प्रसव हॉयर सेंटर में कराया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ एंव शिशु मृत्यु दर को कम से कम किया जाना है। जिला महिला अस्पताल में डॉ. सीमा, डॉ. ममता व डॉ. शगुफ्ता द्वारा गर्भवती की जांच की गयी । काउंसलर सीमा सिंह द्वारा महिलाओं को परिवार नियोजन की उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गयी ।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता राजकुमार व परिवार नियोजन कार्यक्रम के लॉजिस्टिक मैनेजर प्रदीप सिंह ने सीएचसी कप्तानगंज व हर्रैया का भ्रमण किया। यहां डॉ. संगीता द्वारा महिलाओं की जांच व एएनसी जांच का कार्य हुआ। स्टॉफ नर्स चांदनी गुप्ता द्वारा महिलाओं का वजन लिया गयाl जबकि एएनएम कमला देवी द्वारा नए मरीजों का आरसीएच पोर्टल पर पंजीकरण किया गया l रुचि पांडेय द्वारा परिवार कल्याण की काउंसिलिंग की गयी । लाभार्थियों के बैंक अकाउंट खुलवाने में मदद के लिए एएनएम प्रतिमा पाल को लगाया गया था। दोपहर तक यहां 46 महिलाओं का पंजीकरण हुआ था। सीएचसी हर्रैया में डॉ. अभय कुमार सिंह व डॉ. सीमा शर्मा द्वारा चिकित्सकीय कार्य, काउंसलर नीतू त्रिपाठी द्वारा एएनसी कार्य में सहयोग किया गया । यहां पर दोपहर तक 37 महिलाओ का पंजीकरण हुआ था।
सीएमओ डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी आयोजन स्थल पर रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ( आरसीएच) नंबर पंजीकरण के लिए विशेष काउंटर बनाए गए। बिना पंजीकरण या पहली बार आने वाली गर्भवती का पंजीकरण किया गया। जिन लाभार्थी के खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। गर्भवती की जांच एमबीबीएस या स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा किया गया। ब्लड प्रेशर, वजन की जांच, शुगर की जांच, खून व पेशाब की आवश्यक जांच, एचआईवी व सिफलिस की जांच कराई गई। इस अवसर पर गर्भवती व माताओं की ग्रुप काउंसिलिंग कर उन्हें परिवार नियोजन व पोषण संबंधी परामर्श दिया गया।
5266 गर्भवती ने कराया है पंजीकरण
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अगस्त 2021 तक कुल 3350 गर्भवती ने पंजीकरण कराया है। इसमें से 82 प्रतिशत गर्भवती दूसरी व तीसरी तिमाही में जांच कराने आ चुकी है। सीएमओ ने बताया कि अब तक कुल 360 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली गर्भवती को चिन्ह्ति किया गया है। इन महिलाओं का नियमित रूप से फॉलोअप किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 5191 की हीमोग्लोबीन की जांच, 4768 की एचआईवी जांच और 4698 की सिफलिस, 4326 की शुगर की जांच कराई गई। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की 532 महिलाएं चिन्ह्ति की गई हैं।

