100 दिन की पदयात्रा पूरी कर लौटे कुशाग्र, हुआ भव्य स्वागत
यूपी,बस्ती। कप्तानगंज ब्लॉक के परसपुरा गांव निवासी युवा कुशाग्र उपाध्याय ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए 100 दिनों की पैदल यात्रा पूरी कर शुक्रवार को अपने क्षेत्र वापस लौटे। उनके आगमन पर कप्तानगंज चौराहे पर परिजनों और कस्बावासियों ने जोरदार स्वागत किया।
कुशाग्र उपाध्याय, पुत्र अशोक कुमार उपाध्याय, ने 01 जनवरी 2026 को प्लास्टिक और पॉलीथीन के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया था। इस अभियान के तहत उन्होंने वाराणसी से गंगोत्री (उत्तराखंड) तक पैदल यात्रा कर गांव, कस्बों और बाजारों में लोगों को जागरूक किया।
अपनी 100 दिवसीय यात्रा के दौरान कुशाग्र ने जहां-जहां भी कदम रखा, वहां लोगों से संवाद कर प्लास्टिक के दुष्प्रभाव—विशेषकर मानव स्वास्थ्य, मृदा और नदियों पर पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से बताया। उनकी सरल सोच और समर्पण ने लोगों को प्रभावित किया,जिससे उन्हें हर जगह भरपूर सहयोग और समर्थन मिला।
यात्रा के समापन पर कुशाग्र ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस मुहिम से जुड़ें और अपने दैनिक जीवन में बदलाव लाएं।
उन्होंने कहा कि बाजार जाते समय कपड़े या जूट का थैला साथ रखना एक छोटी लेकिन प्रभावी शुरुआत हो सकती है, जिससे पॉलीथीन के उपयोग को रोका जा सकता है। छात्र जीवन में ऐसी आदतों को अपनाना एक बेहतर भविष्य की नींव है।
स्वागत कार्यक्रम में बृजेश उपाध्याय,अजय अग्निहोत्री, दयाशंकर उपाध्याय,अमितेश उपाध्याय,पप्पू उपाध्याय सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।

