बस्ती: अहमद के केले की मिठास से महक रहा पूर्वांचल

बस्ती: अहमद के केले की मिठास से महक रहा पूर्वांचल


तंबाकू और सब्जी की खेती छोड़कर लगाई केले की फसल


सब्जी की फसल के घाटे की भरपाई,केले से हो पाई 


5 हेक्टेयर खेत में लहलहा रहे हैं महाराष्ट्र से मंगाए पौधे


यूपी, बस्ती। कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र के दुबौलिया कस्बा निवासी हाई स्कूल पास अहमद उन लोगों के लिए एक मिसाल हो गए हैं जो जमीन रुपया पैसा ना होने के साथ बेरोजगारी का रोना रोते हैं और सरकार सहित परिवार को कोसते हैं।

पिता के तंबाकू की खेती को छोड़कर सब्जी की फसल में घाटा पाने के बाद हाई स्कूल पास अहमद ने केले की खेती शुरू की।

किराए के 5 हेक्टेयर जमीन पर केले की खेती कर रहे अहमद के खेतों से निकलने वाले केले पूर्वांचल के कई जिलों में अपनी छाप बनाए हुए हैं।

सब्जी की खेती में हजारों का घाटा पाने वाले अहमद को केले की खेती में लाखों का मुनाफा हुआ।

अहमद ने बताया कि उनके पिता शौकत अली दूसरे का खेत किराए पर लेकर तंबाकू की खेती करते थे लेकिन अक्सर बारिश और पत्थर पड़ जाने के कारण काफी नुकसान सहना पड़ता था।

2004 में तंबाकू को अलविदा कर सब्जी की खेती की शुरुआत की गई। जिसमें टमाटर लौकी नेनुवा तोरई करेला और खीरे की फसल उगाई गई, हालांकि इसमें लागत ज्यादा लगती है कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी अधिक करना पड़ता है।

लागत के अनुरूप मुनाफा काफी कम होता है 

2012 में अहमद ने पड़ोसी गांव देवनाथपुर में पचास हजार सालाना के हिसाब से 5 हेक्टेयर जमीन लीज पर ले लिया और अत्याधुनिक तरीके से केले की खेती की शुरुआत की।

शुरुआत में उन्होंने दो हजार पौधे लगाए और जब उसकी फसल आई तो अच्छा मुनाफा मिला। इसे देखकर उनका उत्साह बढ़ा और केले की अत्याधुनिक तकनीक से खेती करने के लिए उद्यान विभाग की तरफ से 15 दिन के लिए महाराष्ट्र के जलगांव में ट्रेनिंग करने के लिए चले गए।

कृषि विज्ञान बंजरिया बस्ती में 10 दिवसीय प्रशिक्षण लेकर लौटे अहमद ने बताया कि बस्ती गोंडा अंबेडकरनगर अयोध्या संत कबीर नगर सिद्धार्थ नगर तक के व्यापारी आकर यहां से थोक भाव में केला खरीद कर ले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब दो दर्जन लोगों को रोजगार दे रखा है। 

जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि केले की खेती में गोबर की खाद एवं मुर्गी फार्म से निकलने वाली खाद का प्रयोग कर रहे हैं।

सोलर पैनल युक्त वाटर ड्रिप से सिंचाई की जाती है इससे पानी की बर्बादी नहीं होने पाती।

सुरक्षा के लिए खेत के चारों तरफ बांस बल्ली लगाए हुए हैं।

अहमद कहा कि जल्द ही अपना खेत खरीद कर उसमें केले की खेती की जाएगी।

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