डिप्टी सीएम के हाथों मिला नियुक्ति पत्र तो खुशियों से झूम उठा परिवार
शहर के आवास विकास निवासी एडवोकेट अशोक द्विवेदी के बेटे हरि अंशु द्विवेदी का लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के रूप में हुआ था चयन
शुक्रवार को लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हाथों मिला नियुक्ति पत्र
कप्तानगंज,बस्ती। जिले के आवास विकास कॉलोनी निवासी एडवोकेट अशोक कुमार द्विवेदी के छोटे बेटे हरि अंशु द्विवेदी को लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य अभियंत्रण सेवा 2019 असिस्टेंट इंजीनियर ऐई लोक निर्माण विभाग का नियुक्ति पत्र शुक्रवार को लखनऊ मे डिप्टी सीएम लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्या के हाथों मिला तो हरिअंशु द्विवेदी सहित उनका परिवार खुशियों से झूम उठा। उन्होंने अपने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के अलावा अपने बहन और बहनोई को देते हुए कहा कि मेरे इस कामयाबी के पीछे मेरा पूरा परिवार है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद लगातार बधाइयों का तांता लगा रहा।
बस्ती शहर के आवास विकास निवासी एडवोकेट अशोक कुमार द्विवेदी का बेटा हरिअंशु द्विवेदी शुरू से ही मेधावी रहे। लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट इंजीनियर सामान्य वर्ग में 13 रैंक हासिल कर लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर चयन हुआ था। हरिअंशु द्विवेदी ने प्रारंभिक शिक्षा सावित्री विद्या बिहार बस्ती से और बीटेक की परीक्षा मोतीलाल नेहरू इंटर कॉलेज इलाहाबाद चौकी 1 वर्ष तक गोवा में मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर इंजीनियर के पद पर नौकरी की साथ ही लोक सेवा आयोग की तैयारी करते रहे। 2020 में लोक सेवा आयोग की हुई परीक्षा में प्रथम प्रयास में है उन्होंने 13 वां रैंक हासिल कर प्रदेश में जिले और परिवार के लोगों का नाम रोशन किया। हरिअंशु द्विवेदी को शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम एवं लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हाथों लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता का नियुक्ति पत्र मिला। हरिअंशु द्विवेदी के पिता अशोक द्विवेदी एडवोकेट है और मां चन्द्रावती देवी गृहणी है। बड़े भाई मुकुल द्विवेदी हैदराबाद में पूर्वाचल बैंक में मैनेजर हैं और बहनोई अजय पाण्डेय पूर्व निजी सचिव राज्यसभा सचिवालय नई दिल्ली रह चुके हैं। परिवार के होनहार बेटे की कामयाबी पर परिवार के लोग काफी खुश दिखे। हरिअंशु द्विवेदी ने कहा कि मेहनत लगन और आत्मविश्वास हो तो हर कामयाबी हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने कहा परिवार में माता-पिता के अलावा बहन ज्योति पाण्डेय और बहनोई का भरपूर सहयोग मिलता रहा है। अभी सपने पूरे नहीं हुए हैं। जिसके चलते लगातार तैयारियां जारी हैं आईएएस बनने की तमन्ना है।
