कार्यशाला में प्रेरक विद्यालय बनाने का लिया संकल्प
05 न्याय पंचायत के समस्त परिषदीय विद्यालयों की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न
बस्ती। कोविड महामारी के लंबे अंतराल के बाद अध्ययनरत बच्चों के लर्निंग गैप्स को भरने के उद्देश्य से शिक्षक संकुल केंद्रों पर शिक्षक संकुल सदस्यों एवं प्रoअo अध्यापक की बैठक एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्रत्येक न्याय पंचायत में सुबह 10:30 बजे से ब्लॉक के सभी ए आर पी की उपस्थिति में यह बैठक की गई। जिसमें न्याय पंचायत के प्रधानाध्यापक अध्यापकों ने प्रतिभाग किया, ए आर पी राकेश कुमार पांडे ने बताया कि मिशन प्रेरणा के क्रियान्वयन में शिक्षक संकुल और प्रत्येक प्रधानाध्यापक /अध्यापक की महत्वपूर्ण भूमिका है जिसके लिए शिक्षक संकुल और समस्त अध्यापकों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं। कक्षानुसार अधिगम प्रक्रिया की तारतम्यता बने रहने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर सभी संबंधित को प्रतिमाह राज्य स्तर से यूट्यूब सेशन और दीक्षा प्लेटफार्म पर विभिन्न प्रशिक्षण के माध्यम से प्रभावी कक्षा शिक्षण के संचालन के लिए विशेष फोकस किया जा रहा है।
खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति शुक्ला ने बताया कि विभाग द्वारा दिसंबर माह के लिए टास्क जारी किए गए हैं। जिसमें सभी शिक्षक संकुल और प्रधानाध्यापक को निर्धारित लक्ष्य को पूरित करने के लिए सुझाव दिए गए हैं। प्रेरणा पोर्टल पर सभी शिक्षक संकुल के सदस्यों को आदर्श विद्यालय बनाने के साथ-साथ बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री का अवलोकन करने के लिए कहा गया है। उपचारात्मक शिक्षण को केंद्रित विषय मानते शिक्षण का कार्य किया जाएगा। श्रीमती प्रीति शुक्ला ने कहा की प्रधानाध्यापकों को अपने अपने विद्यालय में स्पोर्ट्स अनुदान, TLMs और पुस्तकालय संसाधनों के समुचित व्यवस्था एवं उपयोग पर ध्यान रखना होगा प्रत्येक अध्यापक द्वारा कक्षा 1 से 3 तक प्रिंट रिच सामग्री के उपयोग और समस्त शिक्षक द्वारा हिंदी और गणित की उपचारात्मक शिक्षा पर आवश्यक रूप से प्रत्येक अध्यापक ध्यान देने के लिए कहा गया है एसआरजी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया विद्यालयों में प्रत्येक अभ्यास के बाद छात्रों की प्रतियोगिता कराई जाए जिससे उनमें प्रतियोगिता के प्रति और परीक्षा के प्रति डर खत्म हो जाए बदलाव का प्रारंभ हो चुका है विकासखंड प्रेरक बनने की दिशा में अग्रसर है। एआरपी रमेश शुक्ला ने बताया कि शिक्षक संकुल द्वारा स्थानीय सामग्री से टीएलएम निर्माण कर प्रस्तुति और विद्यालय द्वारा प्रेरणा तालिका प्रतिदिन भरने की बात कही गई है एआरपी संजय चौधरी ने कहा कि शैक्षिक योजना नवंबर 2021 से मार्च 2022 तक होने वाली गतिविधियों पर कार्यशाला पर समझ विकसित करायी गई।
एआरपी अजय श्रीवास्तव ने कहा कि कक्षा 1 में आधारशिला कियान्वयन संदर्शिका और सहज हस्तपुस्तिका का उपयोग और कक्षा -2 और 3 में फॉर्मेटिव असेसमेंट करते हुए समृद्धि हस्तपुस्तिका स्तर 1 के अनुसार शिक्षण कार्य कराया जाने के संबंध में विस्तृत विवरण के साथ सभी विद्यालयों को समझ विकसित कराई गई है ईआरपी अभिनव उपाध्याय ने बताया कि कक्षा 4 और 5 में रिमिडियल टीचिंग के अंर्तगत भाषा और गणित विषय को प्राथमिकता देते हुए हस्तपुस्तिका का प्रयोग कराया जाएगा और कक्षा 6,7,8 प्रतिदिन 1-1 घंटा भाषा और गणित की रिमेडियल कक्षाओं के संचालन पर प्रत्येक विद्यालय को यह चीज होगी ध्यानाकर्षण हस्तपुस्तिका में दिए गए कक्षावार लर्निंग आउटकम पर शिक्षण योजना बनाते हुए क्रियान्वयन किया जायेगा ध्यानाकर्षण हस्तपुस्तिका में दिए गए मूलभूत अधिगम परिणाम (लर्निंग आउटकम ) के आधार पर शिक्षण योजना पर कार्य करना होगा-ध्यानाकर्षण हस्त पुस्तिका में दी गई 18 शिक्षण तकनीकियों को आवश्यकतानुसार कक्षा कक्षा में क्रियान्वित किए जाने संबंधी विषय और कक्षा 6,7 और 8 में रिमेडियल और प्रगति रिकॉर्ड बच्चों को आवश्यकतानुसार शिक्षण योजना पर कार्य करने के लिए कहा गया है।