एईएफआई कमेटी करेगी नवजात की मौत की जांच
जिला महिला अस्पताल में लगाया गया था टीका
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में हुई नवजात की मौत की जांच एईएफआई(एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्युनाईजेशन) कमेटी करेगी। जिला महिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र में नवजात को बीसीजी का टीका लगाया गया था। नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। कमेटी इस बात का पता लगाएगी की किन हालात में नवजात की मौत हुई। भविष्य में इन हालात से बचने की सलाह दी जाएगी। नवजात की मौत की सूचना शासन को भी प्रेषित कर दी गई है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन ने बताया कि नवजात की मौत के बाद खुद उनके द्वारा प्राथमिक जांच की गई। जांच में पाया गया कि जिस वॉयल से नवजात को टीका लगाया गया था, उसी वॉयल से नौ अन्य बच्चों को भी टीका लगाया गया। अन्य किसी भी बच्चे को किसी तरह की शिकायत नहीं हुई। टीकाकरण करने वाली वैक्सीनेटर काफी अनुभवी हैं। टीकाकरण के सभी नियमों का पालन किया गया था।
उन्होंने बताया कि बीसीजी का टीका पूरी तरह सुरक्षित है, फिर भी इस बात का पता लगाया जाना जरूरी है कि टीकाकरण के समय बच्चे को किसी प्रकार की समस्या तो नहीं थी। अगर समस्या थी तो टीकाकरण से बचा जा सकता था। ठंड के मौसम में निमोनिया व हाईपोथर्मिया की शिकायत आम है, इससे भी बच्चों की मौत संभव है। गलत तरीके से स्तनपान कराने से दूध के फेंफड़ों में चले जाने से भी कम समय में मौत हो जाती है। नवजात को पूर्व में व टीका लगने के बाद क्या समस्या हुई, इसी बात का पता लगाने के लिए एईएफआई कमेटी से मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, टीकाकरण के समय भविष्य में उसका ध्यान रखा जाएगा।
टीम में यह होंगे शामिल
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हुसैन ने बताया कि एईएफआई टीम में बालरोग विशेषज्ञ, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, जिला सर्विलांस ऑफिसर आईडीएसपी, पैथॉलोजिस्ट के साथ ही यूनिसेफ व विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। 10 दिन के अंदर टीम का गठन कर जांच कराई जाएगी। टीम घटना की जांच हर ऐंगिल से करेगी। इस जांच का मकसद टीकाकरण को और सुरक्षित बनाना है।
