न्यूनतम तापमान बढ़ा पर अधिकतम तापमान घटा
ठंड अपने चरम पर है। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई है तो अधिकतम तापमान में दो डिग्री की कमी आई है। गुरुवार को कुछ समय के लिए हल्की धूप निकली तो गलन और बढ़ गई। गुरुवार भोर में शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी सुबह सात बजे तक जारी रही। यह बरसात फसलों के लिए वरदान मानी जा रही है। स्वयं सेवी संस्थाओं से लेकर सरकारी तंत्र की तरफ से कंबल का वितरण किया जा रहा है तो नगर पालिका और नगर पंचायत की तरफ अलाव की व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक अधिकारी रैन बसेरा की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पर्यवेक्षण कर रहे हैं।
ठंड बढ़ने के चलते अधिकांश लोग घरों में दुबके रहे। गुरुवार सुबह हई हल्की बरसात ने ठंड को और बढ़ा दिया। बाहर जल रहे अलाव बुझ गए और लोगों को सुबह के समय काफी कठिनाई हुई। नगर पालिका परिषद ने शहर के सभी वार्डों में 25 स्थान पर अलाव की व्यवस्था कराया। रोडवेज का रैन बसेरा चालू रहा। डूडा के शेल्टर हाउस में प्रशासन ने व्यवस्था का निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान ईओ अखिलेश त्रिपाठी मौजूद रहे। एडीएम अभय कुमार मिश्र ने सभी नगर पंचायत व नगर पालिका के ईओ को निर्देशित किया है कि वह रैन बसेरा की व्यवस्था का दैनिक आधार पर रिपोर्ट देंगे।
ठंड संबंधी सामानों का बाजार रहा गर्म
ठंड से बचने के लिए संबंधित सामानों का बाजार गर्म रहा। फुटपाथ से लेकर शोरूम तक गर्म कपड़ों की जमकर खरीदारी हुई। 200 रुपये लेकर 2000 रुपये तक के स्वेटर बिके। हीटर, ब्लोवर की विभिन्न प्रकार की वेरायटी व क्वालिटी के सामान बाजार में मौजूद रहे। कुछ दुकानदारों ने बताया कि जो भी हीटर व ब्लोवर मंगाया था, वह बिक गया है। और के लिए ऑर्डर लगाने में डर लग रहा है। जब तक माल आएगा, तब तक बाजार चला जाएगा और पूंजी फंस जाएगी।
मौसम : 24 घंटे तक छाए रहेंगे हल्क व मध्यम बादल
कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया के विशेषज्ञ राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय कुमारगंज अयोध्या के हवाले बताया कि गुरुवार को डेढ़ एमएम वर्षा हुई। बुधवार की अपेक्षा न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से बढ़कर 12 डिग्री सेल्सियस हो गया। अधिकतम तापमान 22 से घटकर 20 डिग्री सेल्सियस हो गया। अगले 24 घंटे में मध्यम से घने बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
फसलों के लिए वरदान साबित हुई बारिश
कृषि विशेषज्ञ राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि सुबह हुई डेढ़ मिमि बारिश गेहूं की फसल के लिए अमृत के समान है। दलहनी फसल मसूर, चना, मटर, अरहर में फूल व फली आ रहे हैं। उन्हें नमी की जरूरत थी, जो इस बारिश से मिल गई है। आम के फसल की पत्तियों की सफाई हो गई और नमी मिल गई। गन्ना की फसल को कोई नुकसान नहीं है। हालांकि तेज बारिश होने पर गेहूं की उस फसल को नुकसान हो सकता है, जिसकी किसान ने हाल में सिंचाई कर रखा है।
