बस्ती: खांसी व आवाज की रिकार्डिंग से हो सकेगी टीबी की पहचान, जिले के 66 मरीजों पर स्वास्थ्य विभाग ने कराया है सर्वे

 खांसी व आवाज की रिकार्डिंग से हो सकेगी टीबी की पहचान

- जिले के 66 मरीजों पर स्वास्थ्य विभाग ने कराया है सर्वे


बस्ती। खांसी व आवाज की रिकार्डिंग से टीबी से ग्रसित होने की पहचान की जा सकेगी। देश भर में इसके लिए आर्टिफिशिएल इंटीलीजेंस के तहत सर्वे कराया जा रहा है। जिले के कई ब्लॉक में विभिन्न श्रेणी के 66 मरीजों पर सर्वे किया गया है। एप के माध्यम से किए गए सर्वे की रिपोर्ट केंद्र को भेजी जा रही है। यह सर्वे कामयाब रहता है तो टीबी के मरीजों की पहचान कम समय में की जा सकेगी। वर्ष 2025 तक देश से टीबी के खात्मे में इससे मदद मिलेगी। 

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक अखिलेश कुमार ने बताया कि संभावित मरीज की पहचान के लिए यह एक प्रकार का टीबी स्क्रीनिंग सर्वे है। सभी एसटीएस/एसटीएलएस के मोबाइल में फील्डी एप डाउनलोड कराया गया है। एप पर किसी मरीज से संबंधित 30 सवालों के जवाब सबसे पहले फीड किए जाते हैं। इसमें बुखार, खांसी, वजन से संबंधित सवाल शामिल हैं। इसके बाद मरीज की आवाज रिकार्ड की जाती है। मरीज की खांसी की तीन बार आवाज के साथ ही विशेष उच्चारण की आवाज भी रिकार्ड की जाती है। मरीज से अ, आ, ई व ऊ के उच्चारण को कहा जाता है। प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद इसे सब्मिट किया जाता है। र्किमयों को इसके लिए पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिस मरीज का साउंड सैम्पल लिया जा रहा है, उसको नि:क्षय पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। सारी प्रक्रिया से पूर्व मरीज की सहमति लेना जरूरी है। पूरी प्रक्रिया के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।  

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि कुल 66 लोगों का सैम्पल लिया गया है। इसमें टीबी के 23, टीबी मरीज के संपर्क वाले 14 तथा शेष नॉन टीबी मरीज शामिल हैं। वर्ष 2025 तक देश से टीबी के खात्मे के लिए शुरू किए गए टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत यह सर्वे कराया गया है। 

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