(आनंदधर द्विवेदी)
दुबौलिया। आदर्श रामलीला समिति खुशहालगंज द्वारा रामलीला मंचन के पंचम दिवस पर पंचवटी, सीता हरण व सीता की खोज का मंचन चुने हुए कलाकारों द्वारा किया गया।
रामलीला के पांचवें दिन सीता हरण का मार्मिक दृश्य देख दर्शकों की अश्रुधारा बहती रही। अगस्त्य मुनि के आश्रम में राम, लक्ष्मण व सीता पहुंचते हैं और मुनि से आशीर्वाद लेते हैं। इसके बाद पंचवटी का प्रसंग आता है। पंचवटी की भव्यता देख दर्शक निहाल हो उठते हैं। यहां पर राम कुटिया का निर्माण करते हैं।
अगले दृश्य में सुपर्णखा का प्रवेश होता है। वह राम व लक्ष्मण को देखकर मोहित हो जाती हैं। वह श्रीराम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम के आदेश पर लक्ष्मण सुपर्णखा की नाक काट देते हैं। वह विलाप करती हुई खर दूषण के दरबार पहुंचकर अपनी दुर्दशा बताती हैं।खर दूषण उसे लेकर पंचवटी जाते हैं जहां राम से उनका युद्ध होता है। जिसमें खर व दूषण राम के हाथों मारे जाते हैं। इसके बाद सुपर्णखा रावण के दरबार पहुंचकर विलाप करती हैं और खर दूषण के वध की सूचना देती हैं। जिस पर रावण क्रोधित हो जाता है।इसके बाद रावण साधु के भेष में आता है और सीता का हरण कर लेता है। सीता का हरण होते ही राम शोक में डूब जाते हैं और घोर विलाप करते हैं। सीता हरण के मंचन का मार्मिक दृश्य देखकर लोग भावविभोर हो गए।
इस मौके पर ग्राम प्रधान विजय शंकर सिंह के साथ मुख्य अतिथि के रूप में प्रमोद सिंह ( अवधेश ढाबा), दुष्यंत विक्रम सिंह प्रमुख प्रतिनिधि सल्टौवा गोपालपुर, अमित सिंह राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रधान संगठन, मनीष सिंह पिपरा जप्ती, हरेंद्र सिंह प्रधानाचार्य विवेकानंद इंटर कॉलेज, सुनील सिंह सांसद प्रतिनिधि दुबौलिया, नरेंद्रनाथ तिवारी अन्नपूर्णा ब्रिक फील्ड, राजबहादुर सिंह,अजयपाल सिंह, श्याम नारायण सिंह ,विनोद सिंह, राम श्रृंगार यादव, ज्ञानबहादुर सिंह, राजेन्द्र सिंह, अमरपाल सिंह, विनोद पाठक प्रधान हेंगापुर, गिरीश कुमार सिंह, बिपिन सिंह, विशाल सिंह, अखण्ड प्रताप सिंह, रामलीला संचालक अमर बहादुर सिंह व तेजभान सिंह सहित हजारों की संख्या दर्शक मौजूद उपस्थित रहे।



