प्रसव पूर्व जांच करा कर कम की जा सकती है मातृ मृत्यु
अस्पतालों में हो रही जांच, विभाग चला रहा है कई योजनाएं
बस्ती। पहली अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2022 तक सरकारी अस्पताल में कुल 31297 गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराया जा चुका है, इसमें 2273 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाएं रहीं। जिला मातृत्व स्वास्थ्य सलाहकार राजकुमार ने बताया कि स्टेट का मानक प्रति एक लाख प्रसव पर 167 मातृ मृत्यु है। जिले का यह मानक 137 है। एसीएमओ आरसीएच डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि मौजूदा सत्र में कुल 25 मातृ मृत्यु की सूचना है।
भानपुर ब्लॉक के तुलसीपुर गांव की रहने वाली साजदा खातून (29) का पहला बच्चा ऑपरेशन से निजी अस्पताल में हुआ था। दूसरी बार गर्भवती होने पर सीएचसी भानपुर में जांच कराई तो उन्हें हाईिरस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की श्रेणी मेंरखते हुए बताया गया कि दूसरे प्रसव में भी ऑपरेशन जरूरी हो सकता है।
आशा कार्यकर्ता सुमन का कहना है कि प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी भानपुर ले जाकर दिखाया तो प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन ने बताया कि सीएचसी में ऑपरेशन हो जाएगा। 27 जनवरी 2023 को सफल ऑपरेशन हुआ।
प्रसव के दौरान होने वाली मौत की होती है समीक्षा
सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि प्रसव पूर्व आवश्यक जांच नियत समय पर कराकर मातृ मृत्यु को कम किया जा सकता है। प्रसूता की प्रत्येक मौत की डेथ ऑडिट कर समीक्षा की जाती है। समीक्षा में जो कमियां पाई जाती हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाता है। 15-49 साल तक की प्रत्येक महिला की प्रसव के दौरान, प्रसव के 42 दिन के अंदर व गर्भावस्था के दौरान मौत होने पर मृत्यु की ऑडिट कराई जाती है। रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार कराया जा रहा है।
नियमित जांच के साथ खान-पान पर रखे विशेष ध्यान
जिला महिला अस्पताल के महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके मौर्या ने बताया कि गर्भधारण के साथ ही नियमित रूप से जांच कराएं तथा टीकाकरण कराकर दवा लेती रहें। अस्पताल से ऑयरन व कैल्शियम की जो गोली दी जा रही है, उसका सेवन जरूर करें।
चना, मूंग के साथ प्रतिदिन एक हरी सब्जी जरूर खाएं। नियमित जांच से हाईिरस्क की पहचान आसानी से हो जाती है। दिक्कत होने पर अस्पताल में दिखाएं व गंदा कपड़ा न इस्तेमाल करें, इससे इंफेक्शन का खतरा रहता है। बीपी आदि की समस्या है तो हॉयर सेंटर पर ही प्रसव कराएं।
पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान में हो रही मॉनीटरिंग
डीपीएम एनएचएम राकेश पांडेय का कहना है कि प्रत्येक माह की नौ तारीख को ब्लॉक व जिला स्तरीय अस्पताल तथा प्रत्येक 24 तारीख को चार एफआरयू हर्रैया, रुधौली, भानपुर व जिला महिला अस्पताल में पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान व मातृत्व क्लीनिक का आयोजन कर गर्भवती की विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराई जा रही है। नियमित जांच कर एचआरपी को चि्हि्तत किया जा रहा है।

