अहंकार मनुष्य के पतन का कारण-पुरुषोत्तम दास
(ज्ञानचंद द्विवेदी)
कुदरहा। भगवान श्री रामचंद्र ने उत्कृष्ट आचरण से इस संसार को मानवता प्रेम ,पारिवारिक एवं सामाजिक मर्यादा का संदेश दिया । श्रीरामचरितमानस सत्य से विचलित मानवता को युग युगांतर तक सही मार्ग दिखाएगा। भगवान की भक्ति जीवन को भवसागर से पार कराती है अगर अगर भक्ति को अहंकार हो जाए तो अहंकार युक्त भक्त व जीवन का पतन भी कर देती है अहंकार जीवन का सबसे बड़ा दुश्मन है, इसलिए मनुष्य को किसी बात का भी इंकार नहीं करना चाहिए, यह बातें नगर पंचायत गायघाट के झारखण्डेश्वर नाथ शिव मंदिर परिसर में चल रही दो दिवसीय पंच कुंडी श्री सहस्त्र चंडी महायज्ञ श्री राम कथा के चौथे दिन शनिवार को कानपुर, बिठूर से आए कथावाचक पंडित पुरुषोत्तम दास त्रिवेदी महाराज ने कथा व्यास पीठ से व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि इस धरा पर भगवान के अवतार होने के दो मुख्य कारण हैं पहला भक्तों का उद्धार दूसरा दुष्टों का दमन। इस अवसर पर आयोजक मुख्य यजमान वरुण देव राम तिवारी, कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्रा, मेघालय राज्य के राज्यपाल सचिव ब्रह्मदेव राम तिवारी,भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव देवा, कलवारी क्षेत्राधिकारी विनय चौहान थाना अध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव ,मयंक दुबे , विकास मिश्रा, ओ पी दुबे ,रंजन पाल ,फूलचंद तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, जयप्रकाश तिवारी ,जय प्रकाश गोस्वामी, बालकृष्ण त्रिपाठी उर्फ पिंटू तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।


