जयंती पर प्रथम राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के योगदान पर विमर्श

 जयंती पर प्रथम राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के योगदान पर विमर्श

बस्ती। मंगलवार को देश के प्रथम राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती कलेक्टेªट परिसर में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति द्वारा महामंत्री वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा के संयोजन में मनायी गयी। वरिष्ठ चिकित्सक एवं साहित्यकार डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि देश को आजाद कराने और नव निर्माण में राजेन्द्र बाबू का सर्वाधिक योगदान रहा। संविधान के सृजन से लेकर प्रथम राष्ट्रपति के रूप में उन्होने देश को कठिन समय में जो दिशा दिया नई पीढी को उससे प्रेरणा लेनी चाहिये। वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामकृष्ण लाल जगमग ने कहा कि बिहार की माटी से निकले राजेन्द्र बाबू को महात्मागांधी ने सदैव समान आदर दिया। उनके विचार, व्यवहार और सादगी का दूसरा कोई उदाहरण नहीं मिलता। साहित्य से उनका विशेष अनुराग था।

कार्यक्रम में श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि वे कुशल अधिवक्ता थे और विधि क्षेत्र के लोग उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। अध्यक्षता करते हुये बटुकनाथ शुक्ल ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के व्यक्तित्व, कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य रूप से डा. अफजल हुसेन ‘अफजल’ बी.के. मिश्र, पं. चन्द्रबली मिश्र, आचार्य छोटेलाल वर्मा, अजमत अली सिद्दीकी, फूलचंद चौधरी, सामईन फारूकी, दीनानाथ आदि उपस्थित रहे। 

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