आईएमए बस्ती के सतत शैक्षणिक कार्यक्रम में रोबोटिक सर्जरी की बारीकियों पर चर्चा
(सुनील मिश्रा)
बस्ती। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) बस्ती के सतत शैक्षणिक कार्यक्रम (सीएमई) के अंतर्गत एक स्थानीय होटल के सभागार में चिकित्सा क्षेत्र में हो रही आधुनिकतम शल्य तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल सर्जरी, किडनी प्रत्यारोपण एवं यूरोलॉजी से जुड़े नवीनतम विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
मुख्य वक्ता के रूप में मेदांता लखनऊ से आए निर्देशक गैस्ट्रो सर्जरी डॉ. संदीप कुमार वर्मा तथा वरिष्ठ परामर्शदाता, शल्यक यूरोलॉजी कैंसर व गुर्दा प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. इमरान अहमद खान ने आधुनिक रोबोटिक सर्जरी पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से विभिन्न शल्य क्रियाओं का प्रदर्शन करते हुए बताया कि रोबोटिक तकनीक से बहुत ही छोटे चीरे के माध्यम से जटिल से जटिल ऑपरेशन संभव हो जाते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक पद्धति से की गई सर्जरी अत्यंत सटीक होती है, जिसमें रक्तस्राव न के बराबर होता है और रोगी को 2 से 3 दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। साथ ही रोगी शीघ्र ही अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट आता है। उन्होंने यह भी बताया कि रोबोटिक शल्य चिकित्सा की सुविधा अभी मेडिकल कॉलेजों में भी उपलब्ध नहीं है तथा लखनऊ में मात्र पांच अस्पतालों में यह सुविधा मौजूद है, जिनमें मेदांता अस्पताल भी शामिल है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए बस्ती के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार, सचिव डॉ. एन.के. चौधरी सहित डॉ. पी.के. श्रीवास्तव, डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, डॉ. दीपक श्रीवास्तव, डॉ. रंगजी द्विवेदी, डॉ. ए.आर. खान, डॉ. फिरोज खान, डॉ. एपीडी द्विवेदी, डॉ. ओपीडी द्विवेदी, डॉ. प्रवीण कुमार मौर्य, डॉ. पवन कुमार मिश्रा, डॉ. के.के. तिवारी, डॉ. एम.एम. सिंह, डॉ. सी.एल. कनौजिया, डॉ. ए.सी. श्रीवास्तव, एसपी सुधांशु द्विवेदी, डॉ. तनवीर अहमद खान, डॉ. आर.एन. चौधरी समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।




