शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, मृतक उपनिरीक्षक की चोरी गई पल्सर सहित चार मोटरसाइकिल बरामद
जनपद बस्ती में थाना छावनी पुलिस, एसओजी तथा स्वाट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कुल चार चोरी की मोटरसाइकिलें और नकद रुपये बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त पर पहले से ही वाहन चोरी व संगठित अपराध से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने पूछताछ में परसरामपुर थाने पर तैनात रहे दिवंगत उपनिरीक्षक श्री अजय कुमार गौड़ की पल्सर मोटरसाइकिल को सरयू नदी पुल से चोरी करने की बात भी स्वीकार की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत दिनांक 19 फरवरी 2026 को थाना छावनी पुलिस, एसओजी और स्वाट/सर्विलांस टीम रामजानकी तिराहे पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वाहन चोरी के मामले में वांछित अभियुक्त रामजानकी रोड के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त विशाल सोनी पुत्र प्रदीप सोनी, निवासी ग्राम पाकड़डाड, थाना लालगंज, जनपद बस्ती को दोपहर करीब 13:25 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी रहमतुल्ला के बंद मुर्गी फार्म के पास शाबित अली के बाग, बहद ग्राम अमोढ़ा क्षेत्र से की गई।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त के खिलाफ थाना छावनी पर दर्ज मु0अ0सं0 273/25 धारा 303(2) बीएनएस के तहत कार्यवाही चल रही थी। गिरफ्तारी के समय उसके पास से चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई, जिसके आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) व 317(4) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई। पूछताछ में अभियुक्त ने खुलासा किया कि उसने 1 नवंबर 2025 को रामजानकी तिराहे के पास से स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल चोरी की थी।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि 5 फरवरी 2026 को वह शाम के समय अयोध्या में सरयू नदी पुल के नीचे सो रहा था। शाम करीब चार से साढ़े चार बजे के बीच पुल पर टहलते समय उसे काले रंग की एक पल्सर मोटरसाइकिल खड़ी दिखी, जिसमें चाबी लगी हुई थी और ऊपर हेलमेट रखा था। कुछ देर इंतजार करने के बाद जब कोई नहीं आया तो उसने हिम्मत कर बाइक स्टार्ट की और हेलमेट पहनकर वहां से निकल गया। वह बाइक लेकर पहले लखनऊ की ओर बढ़ा, फिर रास्ता बदलकर गोरखपुर रोड पर आ गया।
अभियुक्त ने बताया कि बस्ती शहर पहुंचने पर वह अमहट घाट के नीचे नदी किनारे रुका। वहां बाइक की डिग्गी खोलने पर उसे एक पैंट और दो मोबाइल फोन मिले। मोबाइल ऑन करने पर पुलिस और दारोगा से जुड़े संदेश व फोटो दिखने लगे, जिससे वह घबरा गया। उसी दौरान दो पुलिसकर्मी आते दिखे तो वह हेलमेट फेंककर बाइक छोड़कर भाग निकला और मोबाइल फोन लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर वह गोरखपुर चला गया और अगले दिन अपने घर लौट आया।
अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि उसने दोनों मोबाइल फोन बाद में हरिहरपुर और अलीनगर में बेच दिए थे, जिनसे उसे कुल 4000 रुपये मिले। खर्च के बाद उसके पास 1010 रुपये शेष बचे थे, जो पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त की निशानदेही पर थाना लालगंज क्षेत्र के अंतर्गत गौरीगांव के पास ग्राम कैथोरा स्थित सफेदा की बगिया से दो अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं।
बरामद वाहनों में स्प्लेंडर प्लस (UP 51 BH 2048), एचएफ डिलक्स (UP 58 AC 2663), स्प्लेंडर (UP 55 AL 9913) और काले रंग की पल्सर (UP 52 BJ 7936) शामिल हैं। बरामद पल्सर वही है, जो दिवंगत उपनिरीक्षक अजय कुमार गौड़ की बताई जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त विशाल सोनी का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ थाना छावनी, कोतवाली, पुरानी बस्ती समेत विभिन्न थानों में वाहन चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में उसने संतकबीरनगर के खलीलाबाद ओवरब्रिज के नीचे से भी एक मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की है।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना छावनी के थानाध्यक्ष चंदन कुमार, एसओजी प्रभारी विकास यादव, स्वाट/सर्विलांस सेल प्रभारी शेषनाथ यादव, उपनिरीक्षक शोभा यादव तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्त को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और बरामद वाहनों के स्वामियों से संपर्क किया जा रहा है।
