बस्ती: कप्तानगंज चौराहे पर सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

चौराहे पर सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल


बस्ती जिले के कप्तानगंज चौराहे पर अंडरपास न होना बन रहा मुसीबत का सबब



स्कूली बच्चों को सड़क पार करने में उठानी पड़ती है काफी मशक्कत


यूपी,बस्ती।जिले के कप्तानगंज कस्बे के प्रमुख चौराहे पर सुबह 7:00 बजे से 10:00 के बीच लगभग सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चों को सड़क पार करना रहता है। उसी तरह दोपहर में करीब 2:00 बजे से 4:00 बजे के बीच में विद्यालयों की छुट्टी होने का समय होता है। ऐसे में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र सड़क पार करने के लिए उतावले दिखाई देते हैं। 

गौरतलब है कि कप्तानगंज कस्बे के उत्तरी पटरी पर कई बड़े विद्यालय स्थित हैं। सड़क के दक्षिणी तरफ से गांव या क्षेत्र से जाने वाले बच्चे उत्तरी पटरी पर जाने के लिए चौराहे को पार कर अपने स्कूल को जाते है। 

कई बार सड़क पार करते हुए स्कूली बच्चे किसी गाड़ी की चपेट में आकर चोटिल भी हो चुके हैं एवं कईयों ने तो जान गवां दी है अभी हाल में ही कोचिंग पढ़ कर आ रही 14 वर्ष की बेटी सड़क पार करने ही वाली थी किसी अज्ञात वाहन ने उसे कुचल दिया था।

चौराहे पर बना पुलिस चौकी.. चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी एवं उनके सहकर्मी कभी-कभी चौराहे के बीच खड़े होकर स्कूल के बच्चों को सड़क पार करा देते हैं लेकिन क्या यह इसका स्थाई समाधान है।

कई बार देखा गया कि चौराहे पर तैनात होमगार्ड आरसी उपाध्याय ने व्यक्तिगत रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बच्चों को सड़क पार कराया है, कई बार ऐसा भी देखा गया है कि वह बाजार आए हो और ड्यूटी पर न हो सादी वर्दी में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। 

क्या जिस तरह 15 से 20 मिनट के बीच में चौराहे पर खड़े होकर एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज होमगार्ड उपाध्याय निभाते हैं उनके साथ में तैनात पुलिस चौकी पर 2-3 कांस्टेबल एवं होमगार्ड भी इस कार्य में उनके साथ सहयोग दे सकते हैं लेकिन स्थानीय लोगों की मानें तो कई बार उपाध्याय को ही देखा गया कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ स्कूली बच्चों को सड़क पार कराते हैं और साथ में जो भी सहकर्मी हैं या पुलिस की भी गाड़ी खड़ी रहती है तो वह केवल देखते ही रहते हैं तो इसे शिकायत न मानते हुए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि वर्दी पहन लेना ही पुलिस की ड्यूटी नहीं उसके लिए कुछ कर्तव्यों का निर्वहन करना भी आवश्यक है।

खासकर मुझे जो लगा वह यही है कि चौराहे पर स्कूली बच्चों के क्रास करते समय अगर पुलिसकर्मी कोई भी खड़ा हो तो 20 से 30 मिनट का समय निकालकर सैकड़ो की संख्या में सड़क क्रास कर रहे बच्चों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करा देना चाहिए। 

स्थानीय लोगों ने कहा थानाध्यक्ष कप्तानगंज से गुजारिश है कि पूर्व में कई प्रभारी ऐसे रहे हैं जो स्कूली बच्चों को स्वयं खड़े होकर के सड़क पार करते दिखाई दिए। लोगों ने कहा इस पर कार्य योजना बनाई जाए और संबंधित लोगों को इस पर विचार के लिए निर्देशित किया जाय। यह एक वास्तविक विषय है अंडर पास न होना यह विभागीय कार्य है लेकिन जब तक यह नहीं हो पाता तो बड़ी संख्या में सड़क क्रास कर रहे बच्चों को सुरक्षा के मद्देनजर वहां उपस्थित आम जनमानस सहित पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों की यह जिम्मेदारी बनती है कि किसी बड़ी घटना होने से बचने के लिए स्कूल के बच्चों को सड़क पार करा दिया जाए। 

इसी क्रम में हमारी टीम की वार्ता कप्तानगंज थाने पर तैनात उपनिरीक्षक अनश अख्तर से हुई उनको इस बात से रूबरू कराया गया। उन्होंने भी आश्वासन दिया कि आज से ही इस पर कार्यवाही की जाएगी और मैं धन्यवाद देता हूं कि होमगार्ड आरसी उपाध्याय बिना किसी निर्देश के चौराहे पर यदि उनकी ड्यूटी है तो वह इस कार्य को अंजाम देते हैं इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं उन्होंने अपने इस कार्य से पुलिस विभाग का मान बढ़ाया है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.