नौ दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन आचार्य ने सुनाई लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध,रावण वध,भरत मिलाप की कथा

नौ दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन आचार्य ने सुनाई लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध,रावण वध,भरत मिलाप की कथा




नगर संवाददाता:शकील खान

यूपी, बस्ती। जिले के नगर थाना क्षेत्र के ग्राम रौसिंघापार के समय माता स्थान पर चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन कथा व्यास श्रद्धेय संत श्री शिवम दास महाराज ने लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध, रावण वध, भरत मिलाप की कथा सुनाई। भगवान राम सुग्रीव व हनुमान की सहायता से रावण को काफी समझाने का प्रयास कराया लेकिन रावण ने माता सीता को लौटाने से इनकार कर दिया। रावण के भाई विभीषण ने रावण को काफी समझाने का प्रयास किया। जिससे नाराज होकर रावण ने अपने भाई को लंका से निकाल दिया। विभीषण भगवान राम की शरण में चले जाते हैं। भगवान राम विभीषण को लंका का राजा घोषित करते हैं। उसके बाद राम ने लंका पर चढ़ाई कर दी। वानरों की सेना व राक्षसों में भयंकर युद्ध होता है जिसमें कई राक्षसों की मौत हो जाती है। राक्षसों को परास्त होते देखकर रावण मेघनाथ को युद्ध भूमि में भजे देते हैं। जहां पर लक्ष्मण व मेघनाथ में भयंकर युद्ध होता है। मेघनाथ लक्ष्मण को शक्ति बाण से मूर्छित कर देते हैं। हनुमान हिमालय से संजीवनी बूटी लाकर लक्षमण को नया जीवन देते हैं। लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते हैं। उसके बाद राम रावण का वध देते हैं और सीता माता को लंका से मुक्ति करा लेते हैं। विभीषण को लंका का राजा बनाकर अयोध्या लौट आते हैं। भगवान राम व भरत का बड़े ही मार्मिक तरीके से मिलन होता है। राम अयोध्या के राजा बनते हैं।हवन यज्ञ के बाद श्रद्धालुओं मे भंडारे का आयोजन किया गया,

इस अवसर पर आयोजक बृजेश कुमार पाण्डेय, गणेश मिश्रा,ग्राम प्रधान शिवशंकर गुप्ता,श्याम नारायण मिश्र,राम जनम वर्मा,बैजनाथ मौर्य,मोनू पाण्डेय, कन्हैया लाल, राम लगन समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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