कोविड मरीज की पहचान उजागर करना दण्डनीय:जिलाधिकारी

कोविड मरीज की पहचान उजागर करना दण्डनीय:जिलाधिकारी



पहचान उजागर करने वालों पर होगी कार्यवाही


यूपी, बस्ती मंडल। संतकबीरनगर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने आदेश दिया है कि कोविड मरीज की पहचान किसी भी दशा में सार्वजनिक न करें। किसी व्यक्ति के नाम के साथ ही पदनाम या फिर कोई भी इस प्रकार की चीज को किसी भी माध्यम से जैसे समाचार पत्र, सोशल मीडिया या इलेक्ट्रानिक मीडिया के जरिए उजागर न किया जाय। इस प्रकार का कार्य करने वाले लोगों पर महामारी अधिनियम के तहत कार्यवाही होगी।

उन्होने बताया कि संक्रमित व्यक्ति जो होम आइसोलेशन, क्वारंटाइन हो उसके नाम, पहचान या स्थान के बारे में जानकारी को सार्वजिनक नहीं किया जा सकता है। कोविड 19 प्रभावित किसी भी व्यक्ति या समूह को चिन्हित न करें। पर्याप्त जानकारी, बीमारी का डर, अफवाह तथा गलत जानकारी फैलाना भी पूरी तरह से दंडनीय है। उन्होंने सलाह दी कि आवश्यक सुरक्षा के नियमों का अनुपालन करें तथा हाथों को निरन्तर धोते रहें। मास्क का प्रयोग करें तथा शारीरिक दूरी के नियमों का अनुपालन करें,। ताकि कोविड के प्रसार को रोका जा सके।


ठीक हो चुके व्यक्तियों की सकारात्मक बातें करें प्रसारित


कोविड 19 से ठीक हो चुके व्यक्तियों की सकारात्मक बातों को समाज में प्रसारित किया जा सकता है। उसकी अनुमति के पश्चात ही उसके बारे में सकारात्मक बातें जैसे उसने कोविड के दौरान किस तरह की दिनचर्या रही, उसने किन दवा का सेवन किया, कौन से एहतियात बरतें कि वे दूसरों को संक्रमित न कर सके। इन सारी बातों को प्रसारित किया जा सकता है।


कोविड प्रबन्धन में जुड़े लोगों का मनोबल बढ़ाएं


डीएम ने कहा कि कोविड 19 के खिलाफ अग्रिम पंक्ति में खड़े कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएं। उनके खिलाफ किसी प्रकार का दुष्प्रचार न करें। स्वास्थ्यकर्मी तथा कोविड प्रबन्धन में जुड़े लोगों का भावनात्मक सहयोग करें, ताकि उनके आत्मसम्मान व आत्मविश्वास में कमी न आने पाए तथा वे बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित हों।

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