प्रशिक्षित है स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सुरक्षित है दवा

 प्रशिक्षित है स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सुरक्षित है दवा

 एमडीए अभियान में लगे कार्यकर्ताओं पर रखें भरोसा

 सीएमओ ने लोगों से की अपील, दवा का जरूर करें सेवन

बस्ती.   मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में लगे स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी तरह प्रशिक्षित हैं और उनके द्वारा फाइलेरिया की जो दवा वितरित की जा रही है, वह पूरी तरह सुरक्षित है। लोगों को चाहिए कि वह उन पर भरोसा करें और दवा का सेवन जरूर करें। स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति लोगों में जागरूकता लाकर ही किसी कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकता है। यह बातें सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने कहीं।


सीएमओ ने कहा कि आपको स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता आपके घर तक जाते हैं। कई अवसर पर आपको चिकित्सीय सलाह देते हैं, तो कई बार यह आपको दवाएं खिलाते हैं। आवश्कता पड़ने पर इंजेक्शन व टीका लगाते हैं तो कई बार यह आपकी सेहत की जानकारी लेकर वापस चले आते हैं। ऐसे में इन कार्यकर्ताओं का सहयोग करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 12 मई से अभियान चलाया जा रहा है, जो 27 मई तक चलेगा। इस दौरान आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर अपने सामने लोगों को फाइलेरिया की दवा खिला रही हैं। इनके पास उच्च गुणवत्ता वाली और पूरी तरह से सुरक्षित दवाएं रहती हैं। ऐसे में इन पर संदेह करना, वाद-विवाद करना या फिर दवाओं को लेकर किसी भी तरह का भ्रम पालना या फैलाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और स्वास्थ्य कार्यकर्ता के काम में खलल डालना कानूनी दृष्टि से सरकारी कामकाज में बाधा डालना है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में इन्हीं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सहारे मरीजों की पहचान से लेकर दवा वितरण तक का कार्य कराया गया। कोरोना टीकाकरण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इनकी सक्रियता की बदौलत कोरोना बीमारी पर काबू पाया जा सका है। अगर यह आप के घर जाते हैं तो इनका सम्मान किया जाना चाहिए।

फाइलेरिया ग्रस्त देशों में हो रहा दवा का इस्तेमाल

जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी ने बताया कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह से सुरक्षित उच्च गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय मापदंडों पर बनाई गई है। फाइलेरिया ग्रस्त देशों में इनका प्रयोग बिना किसी झिझक के किया जा रहा है।

उन्होंने लोगों से अपील किया कि फाइलेरिया की दवा खाली पेट कदापि न खाएं और स्वास्थ्यकार्यकर्ता की मौजूदगी में ही इसका सेवन करें। यह दवा गर्भवती, गंभीर रूप से बीमार लोगों और दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं खानी है। अभियान के तहत जिले के 28 लाख लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 17 लाख लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है। शत प्रतिशत लोगों को दवा खिलाई जानी है।

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