बस्ती: एनआरसी में इलाज के बाद सेहतमंद हुआ सुंदर, कुपोषित होने पर एनआरसी में किया गया था भर्ती

 एनआरसी में इलाज के बाद सेहतमंद हुआ सुंदर 

कुपोषित होने पर एनआरसी में किया गया था भर्ती 

बस्ती। छह माह का सुंदर अब सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी सकेगा। कुपोषण से ग्रस्त बच्चे को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया था। यहां पर हुए इलाज के बाद उसका आधा किलो वजन बढ़ चुका है। सेहत में सुधार के बाद अब उसे वापस घर भेज दिया गया है। परिजन इस बात से खुश है कि इलाज नि:शुल्क होने के साथ ही अस्पताल में मरीज के खाने का भी ख्याल रखा गया। 

विक्रमजोत ब्लॉक की खड़ईया, छावनी की आंगनबाड़ी कार्यकत्री सत्यवती त्रिपाठी ने सुंदर पुत्र राकेश को चार अगस्त 2022 को एनआरसी वार्ड में लाकर भर्ती कराया था। वार्ड में हुई उसकी जांच में उसका वजन 3.2 किलोग्राम था। वह काफी कमजोर था। यहां पर एनआरसी वार्ड के प्रभारी नोडल ऑफिसर डॉ. सरफराज खान की देखरेख में उसका नियमित उपचार शुरू हुआ। इलाज से उसके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। आधा किलो वजन बढ़ने के साथ ही वह अब सामान्य बच्चों की तरह नजर आने लगा था। जांच के बाद चिकित्सक ने उसे 18 अगस्त को डिस्चार्ज कर दिया। बच्चे की मां माधुरी देवी का कहना है कि अस्पताल में बच्चे के खाने व दवा का पूरा ख्याल रखा गया । इसी के साथ उन्हें भी अस्पताल से ही खाना मिल जाता था, इसलिए इलाज में कोई असुविधा नहीं हुई।

नियमित वजन में सामने आया बच्चे का कुपोषण

आंगनबाड़ी कार्यकत्री सत्यवती ने बताया कि वह बच्चे के जन्म से ही वह उसका नियमित वजन कर रही थीं। जन्म के 15 दिन बाद व एक माह बाद जब वजन किया तो मालूम हुआ कि बच्चा कुपोषित हो रहा है। मां से पूछने पर मालूम हुआ कि बच्चे को पूरा दूध न मिलने से उसका पेट नहीं भरता है। घर में खाने की तंगी रहती है। 

एनआरसी में संपर्क किया तो बताया गया कि बच्चे के छह माह के होने पर उसे भर्ती कराएं। बच्चे के छह माह के होने पर मां से बात किया तो वह पहले जाने को राजी नहीं हुई। उसका कहना था कि उसके पास न तो किराया है और न ही अस्पताल में खर्चे के लिए पैसा है। मां को समझाया कि अस्पताल में दवा और खाने किसी चीज का पैसा नहीं लगेगा। 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वहां से अलग से दिया जाता है। मरीज को एम्बुलेंस से पहुंचाया जाता है। इसके बाद मां राजी हुई।

जुलाई में 21 बच्चे हुए स्वस्थ

एनआरसी के प्रभारी नोडल अधिकारी ने बताया कि एनआरसी में जुलाई 2022 में कुल 21 बच्चे भर्ती हुए। इनका नियमित रूप से इलाज हुआ और सभी ठीक होकर गए। यह बच्चे जब आए थे तो कुपोषित थे और अब वह कुपोषण से बाहर हैं।  हर माह इसी तरह बच्चे भर्ती होकर ठीक हो रहे हैं।

कैसे होते है भर्ती

छाया वीएचएसएनडी सत्र या अस्पताल में चिकित्सक की जांच में अगर कोई बच्चा कुपोषित मालूम होता है तो उसकी जांच करके उसे एनआरसी वार्ड के लिए रेफर किया जाता है। यहां पर 14 दिनों तक भर्ती कर उसका इलाज किया जाता है। इस दौरान उसकी नियमित जांच भी होती रहती है। वार्ड से डिस्चार्ज होने के बाद उसका चार फॉलोअप भी होता है। मरीज को एनआरसी में लाकर दिखाना होता है। फॉलोअप में इस बात की पुष्टि की जाती है कि मरीज पूरी तरह ठीक है या नहीं। 



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