लाभार्थी के घर पर भी बन सकेगा आयुष्मान कार्ड
- लाभार्थियों को नहीं करनी पड़ेगी भागदौड़ लगानी पड़ेगी दौड़
- केंद्र सरकार ने आशा वर्कर्स के लिए लांच किया एप
बस्ती। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत के लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड घर बैठे भी बन सकेगा। केंद्र सरकार ने कार्ड जनरेट करने के लिए मोबाइल एप लांच किया है। एप के जरिये पात्र लाभार्थियों के आवेदन के बाद कार्ड जनरेट हो सकेगा। इस प्रक्रिया को ई-केवाईसी कहा जाएगा। आशा वर्कर्स को मोबाइल एप के जरिए आवेदन करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के नोडल ऑफिसर डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। मोबाइल एप चलाने के लिए आशा वर्कर्स को ब्लॉकवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लाभार्थी के चेहरे के जरिए उसकी पहचान सुनिश्चित की जाएगी और एप में मांगी गई आवश्यक जानकारी फीड कर कार्ड भी बनाया जा सकेगा। आशा के अपने मोबाइल में यह एप इंस्टॉल किया जा रहा है। यूजर आईडी व पासवर्ड की मदद से आशा कार्यकर्ता सूची में शामिल लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड ऑनस्पॉट बना सकेंगी। सभी ब्लॉक के बीसीपीएम को एप चलाने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षित करते हुए उन्हें मॉस्टर ट्रेनर बनाया गया है, यही लोग आशा वर्कर्स को एप चलाने के बारे में बता रहे हैं।
कार्ड बनने के बाद बढ़ेगी योजना का लाभ लेने वालों की संख्या
डॉ. कन्नौजिया ने बताया कि ज्यादा कार्ड बनने के बाद योजना का लाभ लेने वालों की संख्या में भी इजाफा होगा। इस समय कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के साथ योजना से सम्बद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में ही आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की सुविधा है। ई-केवाईसी शुरू होने के बाद लाभार्थी गांव में ही आशा कार्यकर्ता की मदद से कार्ड बनवा सकेंगे। इस समय वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर चयनित परिवार, मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थियों व श्रम विभाग में पंजीकृत व चयनित कार्ड धारकों के ही आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
ई-केवाईसी से कार्ड बनाना होगा आसान
सीएचसी रामनगर के बीसीपीएम स्वामीनाथ का कहना है कि ई-केवाईसी के जरिए आयुष्मान कार्ड बनाना आसान होगा। एप की मदद से ही आशा कार्यकर्ता लाभार्थियों की सूची देख कर आवश्यक सूचना भरेगी। इसके बाद मोबाइल के कैमरे के सामने लाभार्थी के चेहरे को रखना होगा। आधार के डाटा से इस प्रक्रिया से उसकी पहचान हो जाएगी। इसके बाद आवेदन को स्टेट टीम को प्रेषित कर दिया जाएगा। वहां से प्रक्रिया पूरी होने के बाद आशा उसे डाउनलोड कर लाभार्थी को उसके मोबाइल पर ही उपलब्ध करा देंगी। लाभार्थी अपनी सुविधानुसार उसे डाउनलोड कर लेगा। इसका प्रिंट आउट कहीं भी निकाला जा सकेगा। आशा के मोबाइल पर एप डाउनलोड करने के साथ ही उन्हें एप चलाने के बारे में बताया जा रहा है।
2.43 लाख का बन चुका है आयुष्मान कार्ड
डॉ. कन्नौजिया ने बताया कि जनपद में अब तक लगभग 2.43 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। कार्ड धारक परिवार एक साल में पांच लाख रुपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। योजना में 11.61 लाख लोग शामिल हैं। ई-केवाईसी शुरू हो जाने से कार्ड बनाने के काम में तेजी आएगी।

