(आनंदधर द्विवेदी)
दुबौलिया। आदर्श रामलीला समिति खुशहाल गंज द्वारा आयोजित रामलीला में तीसरे दिन पुष्प वाटिका धनुष यज्ञ व परशुराम लक्ष्मण संवाद का मंचन देख श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
ज्ञात हो आदर्श रामलीला समिति खुशहाल गंज द्वारा आयोजित रामलीला में तीसरे दिन धनुष यज्ञ व परशुराम-लक्ष्मण संवाद हुआ। इस दौरान राम-सीता विवाह का मंचन हुआ। श्रीराम और सीता के विवाह का मंचन देखकर श्रद्धालु आनंदित हो गए। कलाकारों की सुंदर प्रस्तुति ने लोगों की खूब वाहवाही लूटी।
इस दौरान कलाकारों ने सीता स्वयंवर का मंचन किया। स्वयंवर में पहुंचे कई राजा भगवान शिव का धनुष नहीं हिला पाए। लंका के राजा रावण के धनुष नहीं उठा पाने के दृश्य का कलाकारों ने सुंदर मंचन किया। भगवान श्रीराम ने मुनि की आज्ञा पाकर धनुष तोड़ने और राम-सीता के विवाह के दृश्य का मंचन किया।
इस दौरान भगवान शिव के धनुष टूटने से क्रोधित होकर राजा जनक के दरबार में पहुंचने और लक्ष्मण-परशुराम संवाद के प्रसंग भी दिखाए गए। लीला के दौरान भगवान राम ने बीच में आकर परशुराम के क्रोध को शांत करते हुए उन्हें भगवान विष्णु के अवतारी होने का परिचय दिया। इसके बाद परशुराम का क्रोध शांत हुआ और भगवान राम और सीता ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली। इस मौके पर मौजूद दर्शकों ने पुष्पवर्षा की और आरती उतारी।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में इंद्रनाथ सिंह, विजय शंकर सिंह, रघुनाथ सिंह, राजकुमार सिंह, जीत बहादुर सिंह, अमरपाल सिंह, रामलीला संचालक अमर बहादुर सिंह, बीरेंद्र पाल सिंह, बिपिन सिंह, अखंड प्रताप सिंह, प्रवीण सिंह, विशाल सिंह, शुभम सिंह, राहुल सिंह, विनोद यादव, मनोज यादव, तेजभान सिंह सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




