पुरानी पेंशन बहाली को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ ने बुलाई संयुक्त बैठक
सदस्य विधान परिषद राज बहादुर सिंह चंदेल के आवास 35 रायल होटल पर आयोजित होगी बैठक
बैठक में 5 सूत्री मांगों को लेकर होगा आर पार के संघर्ष का ऐलान
लखनऊ। पुरानी पेंशन बहाली सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने उत्तर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैै। *प्रांतीय संरक्षक राज बहादुर सिंह चंदेल व प्रदेश अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने 3 मार्च को प्रदेश के सभी शिक्षक व कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाकर संघर्ष की रणनीति रणनीति तय करने का निर्णय* लिया है। सभी संगठन के पदाधिकारियों को लिखित बुलावा भेजा गया है, और उनसे दूरभाष पर व्यक्तिगत वार्ता करके बैठक में आने का अनुरोध किया गया है। *बैठक सदस्य विधान परिषद राज बहादुर सिंह चंदेल के आवास 35 रायल होटल, लखनऊ पर दोपहर 1 बजे आयोजित* की गयी है।
बैठक में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ *शर्मा गुट* के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री इंद्रासन सिंह *ठकुराई गुट* के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय व महामंत्री लालमणि द्विवेदी, *पांडेय गुट* के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ सिंह व महामंत्री नंद किशोर मिश्र, आदर्श माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष डा.आशा लता सिंह, महामंत्री सुरेंद्र श्रीवास्तव को आमंत्रित किया गया है। बैठक में *राजकीय शिक्षक संघ* के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार भड़ाना,
रवि भूषण, राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष छाया शुक्ला, महामंत्री रामेश्वर शुक्ला, राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद पांडेय व महामंत्री केदारनाथ तिवारी सहित तमाम नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
संयुक्त बैठक का एजेंडा, मांग पत्र
01-(क) देश के अन्य प्रदेशों की भांति पुरानी योजना बहाल की जाए।
(ख) एनपीएस धारक कार्यरत/ सेवानिवृत्त शिक्षक - शिक्षिकाओं के PRAN खातों में पूर्ण राशि (राज्यांश सहित)दर्शाई जाए।
02- अद्यतन तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण हो और रोके गए वेतन को तत्काल निर्गत किया जाए।
03- वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता की धारा 7(4) के संशोधन को वापस लिया जाए तथा पूर्व में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार उनकी सेवा नियमावली एवं मानदेय घोषित किया जाए।
04- सरकारी कर्मचारियों की भांति माध्यमिक शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
05- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं एवं मूल्यांकन सहित सभी दरों को सीबीएसई के बराबर किया जाए एवं वर्ष 2018 से अब तक के सभी अवशेषों को शीघ्र भुगतान किया जाए।

