बस्ती। सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने सोमवार को सभी ब्लॉकों के एमओआईसी व अन्य अधिकारियों के साथ एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में समीक्षा बैठक की। उन्होंने काम में फिसड्डी ब्लॉकों के पेंच कसे। परिवार कल्याण कार्यक्रम सहित अन्य कार्यक्रमों में धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। समय रहते कार्य में सुधार लाने के लिए कड़ी चेतावनी दी।
लंबे समय से भगवान भरोसे चल रहे स्वास्थ्य विभाग में नवागत सीएमओ ने अब जिम्मेदारों की क्लास लगानी शुरू की है। सीएमओ के इस बदले रूप से जिम्मेदारों होश उड़े हुए हैं। बैठक में जवाब देने में उनके पसीने छूट रहे थे।
समीक्षा में पाया गया कि इक्का-दुक्का को छोड़कर अन्य निजी चिकित्सालयों द्वारा संस्थागत प्रसव की रिर्पोटिंग नहीं की जा रही है। इस पर सीएमओ ने शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित कराने को कहा। परिवार कल्याण कार्यक्रम की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। आशा के मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मानक के अनुरूप भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने शत-प्रतिशत भुगतान कराने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि भविष्य में इसका ख्याल रखा जाए।
नियमित टीकाकरण की आरसीएच पोर्टल पर फीडिंग काफी कम की जा रही है। सीएमओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि न्यूनतम 85 प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करा ली जाए। उन्होंने कहा कि आरबीएसके टीम को सक्रिय किया जाए, जिससे टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर सकें। सीएमओ ने अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया, क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम सहित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा किया तथा अभियान में तेजी लाने को कहा।
एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन, डॉ. एके मिश्रा, डॉ. सीके वर्मा, एनएचएम के जिला प्रबंधक राकेश पांडेय, सभी ब्लॉकों के एमओआईसी, बीसीपीएम, बीपीएम आदि मौजूद रहे।
