बस्ती:गरीब बेटियों की शादी में उनके सुन्दर सपनों में रंग को भरेंगी स्नेहा
कप्तानगंज की व्यूटी पालर संचालिका की अनूठी पहल
शादी के दिन हर लड़की दिखना चाहती है सबसे खूबसूरत
बिना दहेज की शादी और अति गरीब लड़की को शादी के अवसर पर निःशुल्क मेकअप करने का शुरू किया मुहिम
यूपी,कप्तानगंज, बस्ती। शादी के दिन हर लड़कियो का सपना होता है कि वह सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखें। लेकिन ग्रामीण अंचलों में अति निर्धन परिवार की बेटियों के सपने परिवार की आर्थिक तंगी से पूरे नहीं हो पाते हैं। ऐसे में कप्तानगंज कस्बे की एक फैसन डिजायनर पालर संचालिका ने एक मुहिम का संचालन कर अति निर्धन और बिना दहेज के हो रही शादियों में बेटियों के सुन्दर दिखने के सपने को साकार करने के लिए उसमें रंग भरना शुरू कर दिया है।
पालर संचालिका का कहना है कि बिना दहेज के हो रही शादी के अलावा अति निर्धन बेटियों को शादी की खुशियों पर निशुल्क मेकअप कर तैयार करेगी और गरीब इच्छुक बेटियां निशुल्क मेकअप के टिप्स भी सेन्टर पर आकर ले सकती है।जिससे बेटियां आत्मनिर्भर बन सके।
स्नेहा चौधरी मूलतः कप्तानगंज इलाके के जगदीशपुर की रहने वाली है।जिसने 2012 में बनारस राजकीय महिला पोलीटेक्निक से फैसन डिजायनर का डिप्लोमा किया। पूर्व में फैशन डिजायनर के रूप में दिल्ली और नोयडा में कार्य कर चुकी है। वह पढ़ाई के बाद से ही समाज में कुछ अलग करना चाहती थी। वह कुछ अच्छा करें इस दिशा में पति का भी भरपूर सहयोग मिला। पति अभिषेक वर्मा के सहयोग से उसने दो वर्षों तक शहर में व्यूटी पालर चलाया लेकिन शहर में अमीर लोग ही पालर पर पहुंचते थे। ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का सपना संजोए स्नेहा वर्मा कप्तानगंज में आकर दो वर्ष पूर्व पार्लर का संचालन करना शुरू की।उन्होंने दो दर्जन से अधिक बेटियों को निशुल्क मेकअप के टिप्स दिए। यही नहीं इस वर्ष स्नेहा ने ऐसी लड़कियों की शादी के समय निशुल्क दुल्हन के रूप में सजाया जो आर्थिक रूप से कमजोर थी। स्नेहा ब्यूटी पार्लर के साथ-साथ ब्यूटी पार्लर का क्लास भी संचालित करती है। जिसमें आधा दर्जन युवतियां व किशोरियां पार्लर और फैशन डिजाइनिंग का तरीका स्नेहा से लेती हैं। स्नेहा का कहना है कि वह चाहती है कि लड़कियां सीख कर आत्मनिर्भर बने।
फैशन डिजाइनर ब्यूटी पार्लर संचालिका स्नेहा ने बातचीत के दौरान बताया कि बेटियां हर क्षेत्र में अपने कामयाबी का डंका बजा सकती हैं। उन्हें परिवार का सहयोग चाहिए।
