बस्ती: गले में थी लम्बे समय से समस्या, आयुष्मान भारत योजना से मिली राहत

गले में थी लम्बे समय से समस्या, आयुष्मान भारत योजना से मिली राहत

- आयुष्मान कार्ड पहले से बना होने की वजह से समय से हुआ ऑपरेशन

- मेडिकल कॉलेज, 17 सरकारी, 23 निजी अस्पताल में मिल रही सुविधा

बस्ती। दुबौलिया ब्लॉक के बेलहरी गांव निवासी कराना (66) के गले में गांठ बन जाने से काफी दिन से उन्हें समस्या थी। मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई ओपेक अस्पताल कैली में गले में बनी गांठ के ऑपरेशन से उन्हें अब राहत मिल चुकी। यह संभव हुआ प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना के कारण।

कराना का ऑपरेशन 17 हजार रूपए के पैकेज का था। उनकी हेमीथॉयरोडेक्टमी सर्जरी की गई। कराना का आयुष्मान कार्ड पहले से बना होने के कारण उन्हें ऑपरेशन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा।

 कराना देवी का परिवार मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाता है। योजना के तहत नाम होने की जानकारी होने के कारण परिवार ने गांव में लगने वाले कैम्प के दौरान अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लिया था। कराना देवी के पुत्र संतलाल ने बताया कि उनके गले में काफी दिन से गांठ थी। मेडिकल कॉलेज के नाक, कान व गले के सर्जन डॉ. राजेश पांडेय को दिखाया तो उन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी और बताया कि कैली अस्पताल में ही ऑपरेशन हो जाएगा।

पांच अगस्त को भर्ती कर लिया गया। आयुष्मान कार्ड दिखाने पर उन्हें बताया गया कि इस कार्ड पर सभी दवाएं नि:शुल्क मुहैया कराई जाएगी। 10 अगस्त को उनका ऑपरेशन हुआ और 15 अगस्त को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इलाज में उन्हें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। 

कैली अस्पताल के सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के मरीजों के लिए यहां पर अलग से व्यवस्था है। ऐसे मरीजों के लिए चिकित्सक जो भी दवा लिखते हैं, उसे तत्काल मुहैया कराया जाता है। मरीज को बाहर से दवा नहीं लेनी पड़ती है। अस्पताल की व्यवस्था उसके लिए पूरी तरह नि:शुल्क रहती है। 

600 से ज्यादा मरीजों का हुआ है इलाज

मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई ओपेक अस्पताल कैली में आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 600 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो चुका है। आयुष्मान मित्र अंजलि श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें ज्यादातर ऑपरेशन व कुछ गंभीर रोग वाले  मरीज का इलाज शामिल है। अधिकतम 80 हजार के पैकेज का ऑपरेशन यहां हुआ है। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कोविड काल में भी आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज जारी था। कई कोविड मरीजों का भी आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराया गया है।



- जिले में आयुष्मान के कुल लाभार्थियों की संख्या- 7.95 लाख

- जिले में अब तक बनाया गया कुल आयुष्मान कार्ड- 2.56 लाख

- आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ ले चुके मरीजों की संख्या- 18909

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