भागवत कथा के तीसरे दिन ध्रुव व विदुर चरित्र का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रोता
(आनन्दधर द्विवेदी)
बस्ती। दुबौलिया विकासखंड के तिवारीपुर ग्राम पंचायत में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य सत्य प्रकाश पाण्डेय ने ध्रुव व विदुर चरित्र की कथा का प्रसंग सुनाया। कथावाचक आचार्य सत्यप्रकाश ने कहा कि अगर ध्रुव पांच साल की उम्र में भगवान को पा सकता है, तो फिर हम कैसे पिछड़ सकते हैं। अगर सच्चे मन से भगवान की भक्ति की जाए, तो भगवान खुद अपने भक्तों से मिलने पहुंच जाते है। वहीं विदुर प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम की व्याकुलता के बारे में उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण विदुरजी की कुटिया में भोजन करने गए और वहां केले के छिलकों का भोग स्वीकारा। इससे पहले वे दुर्योधन के महल में छप्पन भोग का त्याग कर आए थे। भगवान तो प्रेम के भूखे होते हैं और विदुर-विदुरानी ने भगवान को प्रेम से भोजन करवाया तो उन्होंने केले के छिलके भी प्रेम से खा लिए। कथा के दौरान कथावाचिका ने श्रद्धालुओं के समक्ष सृष्टि वर्णन के प्रसंग को भी विस्तार से सुनाया। इस मौके घनश्याम तिवारी संतोष तिवारी ,लल्लू तिवारी, विवेक तिवारी समेत काफी संख्या में भक्तों ने उपस्थित होकर कथा का आनंद लिया।

