मदरसा शिक्षकों की हालत लुढ़क गई, 7 माह से मानते ना मिलने पर वे कर्ज में डूबे हुए हैं

मदरसा शिक्षकों की हालत लुढ़क गई, 4 साल से मानते ना मिलने पर वे कर्ज में डूबे हुए हैं

 नगर बाजार (बस्ती)

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक हाथ में कंप्यूटर और दूसरे हाथ में कुरान होना चाहिए तो मदरसा शिक्षकों को लगा कि अब उनके दिन सुधर जाएंगे। लेकिन मदरसा शिक्षकों की समस्या का समाधान उसके बाद भी नही हुआ।   वह लोग विगत साढ़े चार वर्ष से केंद्र व लगभग 7 माह से राज्य मानदेय जो उत्तर प्रदेश सरकार से मिलता है वो भी नही मिला।


अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मेहंदी हसन ने कहा की मदरसा आधुनिक शिक्षकों की हालत बद से बदतर हो गई है वह कर्ज की हालात में डूबे हुए हैं । ना ही अपने परिवार और न ही अपने बच्चों का भरण पोषण कर पा रहे हैं उनकी स्थित बहुत ही दयनीय हो गई है। जबकि सरकार ने कहा सबका साथ, सबका विकास, और सबका विश्वास,तो ऐसा लगा कि मदरसा आधुनिक शिक्षकों के अब अच्छे दिन आएंगे लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के साडे चार साल होने के बाद भी उनका सुध नहीं लिया। मदरसा शिक्षक इरफान अंसारी ने बताया मदरसा आधुनिक शिक्षक संघ ने नेता मंत्री सूबे के मुख्यमंत्री मंत्री से मिलकर अपने व्यथा को बताया उसके बाद भी उन लोगों ने उनका कोई ध्यान आकर्षित नहीं हुआ।

ऐनुल हसन ने बताया कि परिवार का भरण पोषण करने में बड़ी दिक्कत हो रही है और मानदेय न आने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

वही मदरसा शिक्षक नूर मोहम्मद ने बताया कि प्रदेश में 25500 मदरसा शिक्षकों के परिवार कर्ज में डूब गए हैं। और कई साथी इस योजना के अंतर्गत कार्य करते हुए अपनी जान गवां चुके हैं।


  

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